BAMT102

प्रयोगात्मक
Programme: 
Bachelor of Arts BA12
Year / Semester: 
1st Year
Objective: 

उद्देश्य - इस कोर्स का उद्देश्य विद्यार्थियों को भारतीय शास्त्रीय संगीत ( तबला ) के प्रयोगत्मक पक्ष का प्रारम्भिक ज्ञान देकर उनमें शास्त्रीय संगीत के ज्ञान की नींव डालना है।

क्र0 सं0

कोर्स का नाम

2

प्रयोगात्मक

 

 

प्रथम खण्ड

प्रदर्शन - 1

* इकाई 1 - तीनताल में सोलो वादन।

* इकाई 2 - एकताल में टुक्ड़े, मुखड़े, परन/गत/चक्करदार व तिहाई।

* इकाई 3 - चारताल में 1 टुक्डा एवं 1 तिहाई।

* इकाई 4 - सुगम संगीत के साथ बजने वाली तालों  ( कहरवा एवं दादरा ) का ज्ञान।

* सोलो - उठान/मुखड़ा , एक पेशकार( तीन पलटों सहित) , एक कायदा ( तीन पलटों सहित ) , एक रेला (तीन पलटों सहित) , दो सादे टुकड़े , एक चक्करदार टुकडा एवं तिहाई ।

 

द्वितीय खण्ड

पढन्त एवं मौखिक परीक्षा

* इकाई 1 - तालों की पढन्त।

* इकाई 2 - तालों के ठेकों को लयकारी( दुगुन व चौगुन ) में पढ़ना।

  इकाई 3 - पाठ्यक्रम सम्बन्धित मौखिक परीक्षा।

ताल - तीनताल,एकताल, चारताल, कहरवा व दादरा

Suggested Readings: 

सहायक/उपयोगी पाठ्य सामग्री - 
1. गिरीश चन्द्र श्रीवास्तव, ताल परिचय (सभी भाग), संगीत सदन प्रकाशन, इलाहाबाद ।
2. गिरीश चन्द्र श्रीवास्तव, ताल प्रभाकर प्रश्‍नोत्‍तरी, संगीत सदन प्रकाशन, इलाहाबाद ।
3. डॉ0 आबान र्इ0 मिस्‍त्री, तबले की बन्दिशे, संगीत सदन प्रकाशन, इलाहाबाद ।