MAED07

पाठ्यक्रम विकास
Programme: 
M. A. Education
Year / Semester: 
2nd Year
Objective: 

विद्यार्थियों की रूचियों तथा आवश्‍यकताओं के अनुरूप पाठ्यक्रम का निर्माण करने के सिद्धान्‍तों को समझाना। वृहद् समाज की आवश्‍यकताओं के अनुरूप पाठ्यक्रम सामग्री को विकसित करना। विद्यार्थी केन्द्रित, शिखा केन्द्रित तथा समाज केन्द्रित पाठ्यक्रमों के मध्‍य समन्‍वय स्‍थापित करने हेतु जानकारी देना।

Credits: 
8

पाठ्यक्रम की अवधारणा, लक्ष्य एवं उददेश्य और व्यक्तित्व से इसका संबंध,पाठ्यक्रम विकास- प्रक्रिया एवं सिद्धांत,पाठ्यक्रम विकास का इतिहास,पाठ्यक्रम के निर्धारक आधार, पाठ्यक्रम में विचारणीय दार्शनिक विचारः दर्शन एक पाठयक्रम बल के रूप् में, प्रगतिवादी, पुननिर्माणवादी, आधारभूतवाद एवं प्रगतिवाद के अनुसार पाठयक्रम मूल्यों एवं पाठयक्रम के बीच समबंध,पाठ्यक्रम के मनोविज्ञानिक आधारः मनोविज्ञान एक पाठयक्रम बल के रूप् में, साहचर्यवाद एवं क्षेत्र सिद्धांत के संदर्भ में अधिगम के अधिनियमों की उपयोगिता,पाठ्यक्रम में विचारणीय सामाजिक आधारः पाठयक्रम के माध्यक से संस्कृतिः भारत में सामाजिक परिवर्तन एवं इसकी पाठयक्रम में निहितार्थ, पाठ्यक्रम आकल्पन एवं संगठनः आकल्पना के अवयव एवं स्त्रोत, पाठयक्रम निर्माण के सिद्धात, पाठयक्रम के कार्यान्वयन में पाठयचर्या संगठन की विधियॉ,पाठ्यक्रम अभिकल्पः प्रकार एवं वर्गीकरण,पाठ्यक्रम निर्माणः विभिन्न मॉडल एवं पाठयक्रम निर्माण के सि़द्धांत,पाठ्यक्रम मूल्यांकन: मूल्यांकन की अवधारणा, आवश्यकता एवं महत्व,पाठ्यक्रम मूल्यांकन के प्रतिमान पाठयक्रम विकास के मुददे एवं प्रवृत्तियॉ एवं भारत में पाठयक्रम अनुसंधान,विभिन्न शिक्षा आयोगों के अनुसार पाठयक्रम विकास के संबंध में सिफारिशें/सुझाव

Suggested Readings: 
  1. पाठ्यक्रम विकास:Siyaram Yadav
  2. विद्यालय प्रशासन एवं संगठन : S.P. Sukhiya
  3. Curriculum Reforms In India: J.C. Agarwal
  4. Principles of Curriculum Construction: B.D. Bhatt and S.R. Sharma
  5. Curriculum Evaluation and Renewal: M.M. Malhotra