BAMV02

प्रयोगात्मक
Year / Semester: 
1st Year
Objective: 

इस कोर्स का उद्देश्य विद्यार्थियों को भारतीय शास्त्रीय संगीत ( गायन ) के प्रयोगत्मक पक्ष का प्रारम्भिक ज्ञान देकर उनमें शास्त्रीय संगीत के ज्ञान की नींव डालना है।

Credits: 
9

प्रथम खण्ड

प्रदर्शन - 1 ( यमन )

* इकाई 1 - परिचय एवं स्वर विस्तार।

* इकाई 2 - विलम्बित (आलाप व तान सहित)।

* इकाई 3 - मध्यलय ख्याल (आलाप व तान सहित )।

द्वितीय खण्ड

प्रदर्शन - 2 [ ( भैरव एवं बिलावल ), ध्रुवपद ]

* इकाई 1 - परिचय एवं स्वर विस्तार।

* इकाई 2 - मध्यलय ख्याल( आलाप व तान सहित )।

* इकाई 3 - पाठ्यक्रम के रागों में से किसी एक में ध्रुवपद दुगुन सहित।

तृतीय खण्ड

पढन्त एवं मौखिक परीक्षा

* इकाई 1 - तालों की पढन्त।

* इकाई 2 - तालों के ठेकों को लयकारी ( दुगुन व चौगुन) में पढ़ना।

इकाई 3 - पाठ्यक्रम सम्बन्धित मौखिक परीक्षा।

राग - यमन, भैरव व बिलावल

ताल - तीनताल, एकताल व चारताल

Suggested Readings: 
  1.  वसन्त, संगीत विशारद, संगीत कार्यालय, हाथरस, उ0 प्र0 ।
  2. हरीश चन्द्र श्रीवास्तव, राग परिचय (सभी भाग), संगीत सदन प्रकाशन, इलाहाबाद ।
  3. श्रीमती शान्ति गोवर्धन, संगीत शास्त्र दर्पण ।
  4. पं0 विष्णु नारायण भातखण्डे, भातखण्डे क्रमिक पुस्तक मालिका (सभी भाग), संगीत कार्यालय, हाथरस, उ0 प्र0 ।