BBAH103

वित्तीय लेखांकन
Year / Semester: 
1st Semester
Objective: 

इकाई के अध्ययन के उपरांत आप निम्नलिखित विषयों के बारे में जान सकेंगे -
लेखांकन की आवश्यकता, विकास, बहीखाता एवं लेखांकन, दोहरा लेखा पद्धति, सहायक बहि, तलपट के प्रकार एवं प्रारूप, प्रमुख समायोजना, एक फर्म में शाखाओं का लेखाकंन, विभागीय लेखे रखने से लाभ, प्रत्यक्ष तथा अप्रत्यक्ष व्ययों का विभाजन, अन्तर विभागीय स्थानान्तरण, साझेदारी, साझेदारी खाते, साझेदार की मृत्यु होने पर उत्पन्न होने वाली लेखांकन संबंधी समस्या, साझेदारी फर्मों के विघटन एवं प्रकार, सम्पत्तियों की वसूली तथा लेनदारों को भुगतान, साझेदारों में राशि के क्रमिक वितरण, क्रय प्रतिफल का निर्धारण, विक्रेता फर्म की बहियों में लेखांकन

Credits: 
6

लेखांकन का परिचय, दोहरा लेखा पद्धति, सहायक बहियों का परिचय, तलपट का अर्थ एवं परिभाषा, समायोजन एवं समायोजन प्रविष्टियों का अर्थ, अंतिम खातों का अर्थ, शाखा सम्बंधी लेखों का परिचय, विभागीय खातों का अर्थ, साझेदारी फर्म द्वारा लेखांकन, नये साझेदार का प्रवेश, साझेदार की सेवानिवृत्ति, साझेदार की मृत्यु, साझेदारी फर्मों का विघटन, सम्पत्तियों की धीरे धीरे वसूली तथा राशि का क्रमिक वितरण, व्यवसाय की बिक्री

Suggested Readings: 
  1. एडवांसड एकाउन्टेन्सी - शुक्ला एवं ग्रेवाल
  2. Accountancy - Haneef Mukarjee
  3. Accountancy - R. L. Gupta
  4. लेखाशास्त्र भाग – 1. राजपुरोहित, वडेरा, मालोदिया, जोशी जैन एवं भार्गन लेखाशास्त्र भाग – 2. राजपुरोहित, वडेरा, मालोदिया, जोशी जैन एवं भार्गन
  5. एडवांसड एकाउन्टस - मिस्सा चितंलगी
  6. वित्तीय लेखांकन - हिस्सा चितलंगी राजपुरोहित, जोशी
  7. Fundamentals of Accountancy & Rajpurohit, Joshi