CCRP02

पंचायती राज की कार्य प्रणाली
Year / Semester: 
Six Months Course
Objective: 

भारत में संघात्मक शासन की स्थापना की गयी है। जिसमें केन्द्र और राज्य में शक्तियों का विभाजन किया गया है । इसी के साथ तृणमूल स्तर पर लोकतन्त्र को पहुचाने के लिए त्रिस्तरीय पंचायतीराज व्यवस्था की स्थापना की गयी है । इस प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम में इसका विस्तृत और व्यवस्थित अध्ययन करने प्रयास है । इसका अध्ययन करके एन.जी.ओ. ,राज्य सरकार और केन्द्र सरकार के विभिन्न संस्थाओं में रोजगार के अवसर प्राप्त किये जा सकते हैं ।

Credits: 
6

इकाई 1 पंचायतों में वित्तीय व्यवस्था एवं प्रबन्धन

इकाई 2 जिला नियोजन समिति

इकाई 3 पंचायतों में कार्य, कार्मिक व वित्त का हस्तान्तरण

इकाई 4 पंचायतों के दस्तावेजीकरण

इकाई 5 स्थानीय स्वशासन एवं सहभागी नियोजन

इकाई 6 तीनों स्तर की पंचायतों के बीच आपसी समन्वय एवं सरकारी विभागों से तालमेल

इकाई 7 नरेगा(छत्म्ळ।) कार्यक्रम में पंचायतों की भूमिका

इकाई 8 पंचायती राज एवं सूचना का अधिकार

इकाई 9 सामाजिक अंकेक्षण (सोशल आडिट)- प्रक्रिया एवं लाभ

इकाई 10 पंचायतों में स्थानीय सामुदायिक संगठनों की भूमिका

इकाई 11 पंचायतों में महिलाओं, दलितों और जनजाति समाज की भूमिका

इकाई 12 ग्रामीण विकास की विभिन्न योजनाएं

इकाई 13 राष्ट्रीय व राज्य स्तर पर ‘गोलमेज (त्वनदक ज्ंइसम) सम्मेलनों‘ के माध्यम से पंचायतों का सशक्तिकरण

इकाई 14 पंचायत प्रतिनिधियों के क्षमता-विकास

इकाई 15 पंचायती-राज व्यवस्था में ‘नागर समाज‘ और ‘‘मिडिया‘‘ का उपयोग और उनकी भूमिका

Suggested Readings: 
  1. 73वॉं संवैधानिक संशोधन
  2. हिमालयन एक्शन रिसर्च सेंटर - पंचायत संदर्भ सामग्री
  3. राष्टीय ग्रामीण रोजगार गारण्टी अधिनियम 2005