MAMI202

स्‍वरवाद्य - रागों और तालों का अध्ययन II
Year / Semester: 
2nd Year
Credits: 
3

क्र0 सं0

कोर्स का नाम

कोर्स कोड

अंक

श्रेयांक

2

स्‍वरवाद्य - रागों और तालों का अध्ययन II

एम00एम0आई0 - 202

100

3

प्रथम खण्ड

गायन शैलियॉं, सारणा चतुष्टयी, राग वर्णन व तंत्रकारी पद्धति

 

 

 

इकाई 1 - जाति गायन, राग गायन एवं राग के लक्षण; सारणा चतुष्टयी का विस्तृत अध्ययन।

इकाई 2 - प्रबन्ध का विस्तृत अध्ययन एवं प्रबन्ध की ध्रुपद व ख्याल से तुलना।

इकाई 3 - पाठ्यक्रम के रागों का पूर्ण वर्णन, तुलना एवं स्वर समूह द्वारा राग पहचानना।

इकाई 4 - गायन एवं तंत्रकारी पद्धति ; वादन में आलाप, जोड आलाप, जोड झाला एवं झाला ; मिजराब के बोलों के विभिन्न प्रकार के छन्दों का अध्ययन।

द्वितीय खण्ड

संगीतज्ञों का जीवन परिचय, ग्रन्थ अध्ययन एवं निबन्ध लेखन

 

 

 

इकाई 1 - संगीतज्ञों (शारंगदेव, अब्दुल हलीम जाफर खॉं, आचार्य बृहस्पति, पन्नालाल घोष, दबीर खॉं, पं0 विश्वमोहन भट्ट व उ0 शाहिद परवेज ) का जीवन परिचय एवं भारतीय शास्त्रीय संगीत में योगदान।

इकाई 2 - संगीत के प्रसिद्ध ग्रन्थों ( संगीत रत्नाकर, चतुर्दडिप्रकाशिका, नारदीय शिक्षा, संगीत मकरंद, संगीत चिंतामणि, संगीतांजली व संगीत पारिजात ) का सामान्य अध्ययन।

इकाई 3 - संगीत संबंधी विषयों पर निबन्ध।

तृतीय खण्ड

स्वरलिपि व ताललिपि में लिखना

 

 

 

इकाई 1 - पाठ्यक्रम के रागों में मसीतखानी गत, स्थाई व अन्तरे के तोडे आदि को लिपिबद्ध करना।

इकाई 2 - पाठ्यक्रम के रागों में रजाखानी गत, स्थाई व अन्तरे के तोडे आदि को लिपिबद्ध करना।

इकाई 3 - पाठ्यक्रम की तालों का परिचय व तालों के ठेकों को लयकारी (दुगुन, तिगुन, चौगुन, आड, कुआड व बिआड) सहित लिपिबद्ध करना।

Suggested Readings: 

राग - मियॉं की तोडी, आसावरी (कोमल ऋषभ-गान्धारी), गुजरी तोडी, मियॉं मल्हार, दरबारी कान्हडा, मुल्तानी, ललित, बिलासखानी तोडी, श्री, भीमपलासी, पूरियाधनाश्री व मेघ मल्हार

ताल - एम0 ए0 प्रथम वर्ष के ताल व पंचमसवारी, दीपचन्दी, झूमरा, सूलताल, तीवरा, शिखर ताल, गजझम्पा ताल व 11 मात्रा की ताल