BAMI201

संगीत शास्‍त्र
Programme: 
Bachelor of Arts BA12
Year / Semester: 
2nd Year



बी0ए0  संगीत (स्‍वरवाद्य) –  द्वितीय वर्ष का पाठ्यक्रम

क्र0 सं0

कोर्स का नाम

1

संगीत शास्त्र

प्रथम खण्ड

भारतीय संगीत का इतिहास, शब्दावली, स्वर वाद्य एवं घरानें

इकाई 1 - भारतीय संगीत का इतिहास - प्राचीन काल से मध्यकाल तक।

इकाई 2 - नाद, ग्राम, मूर्च्छना, जाति गायन, निबद्ध गान, अनिबद्ध गान, शुद्धराग, छायालग राग, संकीर्ण राग, पूर्वांन्गवादि राग, उतरान्गवादि राग, परमेल प्रवेशक राग, संधि प्रकाश राग।

इकाई 3 - स्वर वाद्य की विकास यात्रा व स्वर वाद्य के घरानों का संक्षिप्त परिचय।

द्वितीय खण्ड

स्वरलिपि पद्धति, राग पहचानना, जीवन परिचय एवं निबन्ध लेखन

इकाई 1 - विष्णु दिगम्बर स्वरलिपि पद्धति का परिचय एवं भातखण्डे पद्धति से तुलना ; पाठ्यक्रम के रागों का परिचय, स्वर विस्तार एवं स्वर समूह के माध्यम से राग पहचानना।

इकाई 2 - संगीतज्ञों ( पं0 तानसेन, अमीर खुसरो, उ0 अलाउद्दीन खॉं, उ0 इमदाद खान, पं0 निखिल बैनर्जी व पं0 रविशंकर ) का जीवन परिचय।

इकाई 3 - संगीत सम्बन्धी विषयों पर निबन्ध।

तृतीय खण्ड

स्वरलिपि व ताललिपि में लिखना

इकाई 1 - पाठ्यक्रम के रागों में मसीतखानी गत ( तोडों सहित ) को लिपिबद्ध करना।

इकाई 2 - पाठ्यक्रम के रागों में रजाखानी गत( तोडों सहित) को लिपिबद्ध करना।

इकाई 3 - पाठ्यक्रम की तालों का परिचय एवं उनको लयकारी(दुगुन व चौगुन) सहित लिपिबद्ध करना।

राग - विहाग, बागेश्री, वृन्दावनी सारंग, देश, शुद्ध कल्याण      
ताल - बी0ए0 प्रथम वर्ष की तालें तथा झपताल, धमार, रुपक, कहरवा व दादरा