MAMI02

रागों और तालों का अध्ययन
Code: 
MAMI02
Year / Semester: 
1st Year
Objective: 

इस कोर्स का उद्देश्य विद्यार्थियों को स्‍वरलिपि पद्धति, भारतीय स्वर वाद्यो एवं उसके घरानों व रागशास्‍्त्र का विस्तृत ज्ञान देना और संगीत ग्रन्थों व संगीतज्ञों के जीवन से अवगत कराना है ।

Credits: 
4

प्रथम खण्ड

भारतीय स्वरलिपि पद्धति एवं भारतीय स्वर वाद्य

* इकाई 1 - स्वरलिपि पद्धति का अध्ययन एवं तुलना।

* इकाई 2 - भारतीय स्वर वाद्यो ( तत् , सुषिर ) की उत्पत्ति एवं विकास।

* इकाई 3 - तन्त्र वाद्य के घराने।

द्वितीय खण्ड

* रागों का विस्तृत अध्ययन

इकाई 1 - राग निर्माण, वादी, सम्वादी, अनुवादी एवं विवादी स्वर का महत्व।

इकाई 2 - राग एवं रागिनी की व्याख्या, रागों का समय चक्र, ग्राम और मूर्च्छना।

इकाई 3 - पाठ्यक्रम के रागों का पूर्ण वर्णन, तुलना एवं स्वर समूह द्वारा राग पहचानना।

तृतीय खण्ड

संगीतज्ञों का जीवन परिचय, ग्रन्ध अध्ययन एवं निबंध लेखन

इकाई 1 - संगीतज्ञों ( एन0 राजम, हाफिज अली खॉं, उ0 बिस्मिल्लाह खॉ, पं0 वी0जी0जोग, अन्नपूर्णा देवी) का जीवन परिचय एवं भारतीय शास्त्रीय संगीत में योगदान।

इकाई 2 - संगीत के प्रसिद्ध ग्रन्धो ( नाट्यशास्त्र , बृहद्देशी , स्वरमेलकलानिधि व संगीत दर्पण ) का अध्ययन।

इकाई 3 - संगीत संबंधी विषयों पर निबंध लेखन।

चतुर्थ खण्ड

* स्वरलिपि व ताललिपि में लिखना

इकाई 1 - मसीतखानी गत का परिचय, पाठ्यक्रम के रागों में मसीतखानी गत, स्थाई व अन्तरे के तोडे आदि को लिपिबद्ध करना।

इकाई 2 - रजाखानी गत का परिचय, पाठ्यक्रम के रागों में रजाखानी गत, स्थाई व अन्तरे के तोडे आदि को लिपिबद्ध करना।

इकाई 3 - पाठ्यक्रम की तालों के ठेकों को लयकारी (दुगुन, तिगुन, चौगुन, आड) सहित लिपिबद्ध करना।

राग - श्यामकल्याण , मारू विहाग , अहिर भैरव , बागैश्री , पूरिया कल्याण , बैरागी , बिहागडा , भैरव , केदार व मालकौंस ताल - तीनताल , झपताल , एकताल , आडाचारताल , रूपक , चारताल , धमार व 9 मात्रा की ताल

Suggested Readings: 
  1. वसन्त, संगीत विशारद, संगीत कार्यालय, हाथरस, उ0 प्र0 ।
  2. डॉ0 लक्ष्‍मीनारायण गर्ग, हमारे संगीत रत्‍न ।
  3. डॉ0 लक्ष्‍मीनारायण गर्ग, राग विशारद( दोनों भाग), संगीत कार्यालय, हाथरस, उ0 प्र0 ।
  4. पं0 विष्णु नारायण भातखण्डे, भातखण्डे क्रमिक पुस्तक मालिका  (सभी भाग), संगीत कार्यालय, हाथरस, उ0 प्र0 ।
  5. श्री भगवतशरण शर्मा, सितार मालिका ।