PGDMV04

प्रयोगात्‍मक - 2
Code: 
PGDMV04
Year / Semester: 
1st Year
Objective: 

इस कोर्स का उद्देश्य विद्यार्थियों को भारतीय शास्त्रीय संगीत ( गायन ) के प्रयोगत्मक पक्ष में दक्ष्‍ बनाना है ।

Credits: 
14

प्रथम खण्ड

* प्रदर्शन ‒ 1

इकाई 1 - पूरिया कल्याण

इकाई 2 - बिडागडा

इकाई 3 - बैरागी

इकाई 4 - भैरव

इकाई 5 - केदार

इकाई 6 - मालकौंस मंच पदर्शन के राग एवं प्रदर्शन - 1 के सभी रागों में छोटा ख्याल, आलाप, तान (बोल व आकार) ।

द्वितीय खण्ड

* प्रदर्शन - 2 एवं तानपुरा मिलाना

इकाई 1 - पाठ्यक्रम के किन्हीं दो रागों में ध्रुवपद ( दुगुन, तिगुन, चौगुन ) सहित।

इकाई 2 - पाठ्यक्रम के किन्हीं दो रागों में धमार ( दुगुन, तिगुन, चौगुन ) सहित ।

इकाई 3 - तानपुरे को मिलाने का ज्ञान ।

तृतीय खण्ड

* पढन्त एवं मौखिक परीक्षा

इकाई 1 - पाठ्यक्रम की तालों के ठेकों की पढन्त ।

इकाई 2 - पाठ्यक्रम की तालों की लयकारी ( दुगुन, तिगुन, चौगुन व आड़ ) में पढन्त ।

इकाई 3 - पाठ्यक्रम सम्बन्धित मौखिक परीक्षा ।

राग - श्यामकल्याण , मारू विहाग , अहिर भैरव , बागैश्री , पूरिया कल्याण , बैरागी , बिहागडा , भैरव , केदार व मालकौंस ताल - तीनताल , झपताल , एकताल , आडाचारताल , रूपक , चारताल , धमार व 9 मात्रा की ताल

Suggested Readings: 
  1. वसन्त, संगीत विशारद, संगीत कार्यालय, हाथरस, उ0 प्र0 ।
  2. डॉ0 लक्ष्‍मीनारायण गर्ग, राग विशारद( दोनों भाग), भातखण्डे क्रमिक पुस्तक मालिका
  3. पं0 विष्णु नारायण भातखण्डे, संगीत कार्यालय, हाथरस, उ0 प्र0 (सभी भाग), संगीत कार्यालय, हाथरस, उ0 प्र0 ।